भारतीय प्रबंधन संस्थान सिरमौर (भा.प्र.सं. सिरमौर) भारत सरकार द्वारा वर्ष 2015 में स्थापित राष्ट्रीय महत्व का एक केंद्र वित्तपोषित संस्थान है। भा.प्र.सं. सिरमौर देश के आईआईएम परिवार के नए संस्थानों में से एक है। शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में एक प्रमुख संस्थान के रूप में, इसका उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाली प्रबंधन शिक्षा प्रदान करना और ज्ञान के संबद्ध क्षेत्रों एवं अंतःविषय अध्ययन को बढ़ावा देना है।
यह संस्थान एक अनुकूल माहौल में, प्रबंधन शिक्षा को स्थानीय और वैश्विक आकांक्षाओं के साथ सहज रूप से जोड़ने के लिए प्रयासरत है। इसका मानना है कि प्रबंधन शिक्षा केवल सबसे प्रतिस्पर्धी रोजगार के अवसर तलाशने के बारे में नहीं है, बल्कि नैतिक और दूरदर्शी कॉर्पोरेट नेतृत्व के माध्यम से सामाजिक-आर्थिक चिंताओं को दूर करना भी सीखना है। यह संस्थान स्वदेशी क्षेत्रों और नवीन पद्धतियों पर ध्यान केंद्रित करने का प्रयास करता है, ताकि आने वाले कल के संवेदनशील कॉर्पोरेट लीडर और उद्यमी तैयार किए जा सकें।
भा.प्र.सं. सिरमौर की ‘परिकल्पना’ “प्रबंधन उत्कृष्टता के लिए विश्व स्तर पर सम्मानित संस्थान बनना” है।
भा.प्र.सं. सिरमौर का ‘लक्ष्य’ “हिमाचल प्रदेश, भारत और दुनिया भर में काम के नैतिक और मानवीय पहलुओं के उच्चतम मानकों का पालन करते हुए, सतत विकास के लिए भविष्य-उन्मुख समाधान बनाने और उनका नेतृत्व करने की क्षमता वाले पेशेवरों को विकसित करना और उन्हें प्रोत्साहित करना” है। संस्थान की परिकल्पना और लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए, संस्थान के लिए निर्धारित ‘उद्देश्य’ हैं: क्षमता विकसित करना, अनुसंधान करना, पेशेवरों को तैयार करना, और छोटे, मध्यम तथा बड़े संगठनों को ‘मूल्यों’ पर सलाह देना; ये मूल्य नीचे बताए गए किसी एक या इन सभी के संयोजन तक ही सीमित नहीं हैं:
- घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय बाज़ारों की दृष्टि से, उद्योग की बढ़ती मांगों के अनुरूप छात्रों की क्षमता और संभावनाओं को विकसित करना।
- शिक्षण और गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान में अंतर्राष्ट्रीय मानकों को प्राप्त करना।
- अपने प्रमुख कार्यक्रमों जैसे एमबीए और डॉक्टरेट कार्यक्रम में प्रतिभागियों की संख्या बढ़ाकर विकास करना।
- कार्यक्रम के डिजाइन, वितरण और छात्र प्लेसमेंट के संबंध में उच्च स्तर की छात्र संतुष्टि सुनिश्चित करना और उसे बनाए रखना।
- व्यवसाय की निरंतर विकसित होती और व्यावहारिक दुनिया की जरूरतों के अनुरूप उच्चतम मानकों की शिक्षा प्रदान करना, ताकि छात्रों के लिए अधिगम एक समृद्ध अनुभव बन सके।
- विभिन्न गतिविधियों के आयोजन और उनमें भाग लेकर सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़ना और सामुदायिक संपर्क (आउटरीच) में शामिल होना।
- सामाजिक-आर्थिक वातावरण और जीवन की गुणवत्ता में योगदान देने के लिए जनसंपर्क गतिविधियों का आयोजन करना।
- प्रासंगिक अनुसंधान पहलों के माध्यम से, इस क्षेत्र और स्थानीय समुदायों के स्वदेशी विकास और उन्नति को बढ़ावा देना।
- छात्रों को विभिन्न क्षेत्रों की ऐसी गतिविधियों से जान-बूझकर अवगत कराना, जो नागरिकों के रूप में उनके सर्वांगीण विकास में योगदान देती हैं; ऐसा मूल सिद्धांतों और नैतिक मूल्यों पर निरंतर ध्यान केंद्रित करके किया जाता है, जो अंततः उन्हें वैश्विक व्यावसायिक नेताओं के रूप में गढ़ने का काम करता है।
भा.प्र.सं. सिरमौर ने वर्ष 2015 में पूर्णकालिक आवासीय एमबीए कार्यक्रम के साथ अपना परिचालन शुरू किया। बाद में, वर्ष 2019-20 में एमबीए टूरिज्म में पूर्णकालिक आवासीय कार्यक्रम और पूर्णकालिक पीएचडी कार्यक्रम शुरू किए गए।
वर्तमान में, यह संस्थान दो पूर्णकालिक स्नातकोत्तर कार्यक्रम प्रदान करता है, जिनकी अवधि दो वर्ष की होती है—एम्बीए और एम्बीए (पर्यटन)—तथा साथ ही एक डॉक्टरेट कार्यक्रम (पीएचडी) भी उपलब्ध है। आईआईएम सिरमौर द्वारा अपनाई जाने वाली शिक्षण पद्धति में वही उच्च मानक और गहनता बरती जाती है, जो भा.प्र.सं. परिवार के अन्य सदस्य संस्थानों में देखने को मिलती है। इसका उत्साहवर्धक पाठ्यक्रम और चुनौतीपूर्ण शैक्षणिक कार्यक्रम युवा मस्तिष्कों को ऐसे ज़िम्मेदार पेशेवरों में ढालने में सहायक सिद्ध होता है, जो निरंतर बदलते हुए वैश्विक परिवेश के अनुरूप स्वयं को ढालने में सक्षम हों। वर्ष 2015 में मात्र 20 छात्रों के साथ शुरुआत करने वाला यह संस्थान, वर्ष 2021 तक आते-आते लगभग 500 छात्रों का संस्थान बन चुका है।
अपनी स्थापना से ही, भा.प्र.सं. सिरमौर नवीन और नवाचारी कदमों के माध्यम से अपने अवसंरचना और छवि में सुधार, संवर्धन और विस्तार के निरंतर पथ पर अग्रसर रहा है। भा.प्र.सं. सिरमौर अनुप्रयोग-उन्मुख और भविष्योन्मुखी पाठ्यक्रम प्रदान करता है जो छात्रों को उनकी स्वाभाविक प्रतिभाओं को हस्तांतरणीय कौशल में विकसित करने के लिए प्रशिक्षित करता है, साथ ही समाज को ईमानदारी से व्यापार करने के लिए बेहतर स्थान बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। अतिथि व्याख्यानों और प्रबंधन सम्मेलनों के माध्यम से उद्योग जगत के अग्रणी व्यक्तियों के साथ सार्थक संवाद अकादमिक विश्वसनीयता के साथ समग्र विकास को बढ़ावा देता है और एक समकालीन औद्योगिक दृष्टिकोण विकसित करता है।
अपनी प्रबंधन शिक्षा के क्षेत्र में विश्व स्तर पर सम्मानित संस्थान बनने के लक्ष्य के अनुरूप, संस्थान ने महज़ 6 वर्षों के छोटे से अंतराल में ही शिक्षण और अनुसंधान के क्षेत्र में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है; साथ ही, अपने विकास लक्ष्यों को सफलतापू प्राप्त करने के लिए गुणवत्ता के वैश्विक मानकों को बेंचमार्क बनाया है। संस्थान से उत्तीर्ण हुए अब तक चारों बैचों के छात्रों को कैंपस प्लेसमेंट के माध्यम से शीर्ष कंपनियों में नौकरी मिली है। संस्थान के संकाय सदस्य एबीडीसी श्रेणी की पत्रिकाओं आदि में उच्च गुणवत्ता वाले शोध-पत्र प्रकाशित कर रहे हैं।
इस संस्थान में हमारे छात्रों को अपेक्षित कॉर्पोरेट व्यवहार पैटर्न के अनुसार प्रशिक्षित किया जाता है और वे टीम के सदस्य के रूप में काम करने के इच्छुक होते हैं। इस संस्थान में विभिन्न पृष्ठभूमि और योग्यताओं वाले प्रतिभाशाली और अत्यधिक प्रेरित छात्र हैं, जिनका चयन एक कठोर प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता है। इसी प्रकार, पाठ्यक्रम योग्य इन-हाउस संकाय सदस्यों और विभिन्न प्रमुख अनुसंधान संस्थानों और संगठनों से आए अतिथि कॉर्पोरेट विशेषज्ञों और शिक्षाविदों द्वारा पढ़ाया जाता है।
भा.प्र.सं. सिरमौर में छात्रों और पेशेवरों के सभी शैक्षणिक प्रयासों को निर्देशित करने वाला मूल दर्शन यह सुनिश्चित करना है कि उनमें निम्नलिखित गुण विकसित हों: आत्मविश्वास, बहुमुखी प्रतिभा, आलोचनात्मक सोच, सहयोग, सह-सृजन, सत्यनिष्ठा, समाधान-केंद्रितता, रचनात्मकता, नैतिक निर्णय-निर्माण, भविष्योन्मुखी दृष्टिकोण, सहानुभूति आदि।
वर्तमान में यह संस्थान हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के पौंटा साहिब स्थित अपने अस्थायी परिसर से संचालित हो रहा है। भा.प्र.सं. सिरमौर एक वाई-फाई से सुसज्जित परिसर है जिसमें छात्रों को उत्कृष्ट शिक्षण वातावरण प्रदान करने के लिए आधुनिक सुविधाएं और नवीनतम प्रौद्योगिकी उपलब्ध हैं। संस्थान में अत्याधुनिक कक्षाएं, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा से सुसज्जित पूर्णतः सुसज्जित सम्मेलन कक्ष, आधुनिक सुविधाओं से युक्त छात्रावास, दूरस्थ पहुंच के साथ प्रचुर मात्रा में मुद्रित और इलेक्ट्रॉनिक संसाधनों से युक्त 24x7 पुस्तकालय, विभिन्न सॉफ्टवेयर और डेटाबेस तक पहुंच के साथ नवीनतम कॉन्फ़िगरेशन मशीनों से सुसज्जित कंप्यूटर लैब, आउटडोर और इनडोर खेल सुविधाएं, व्यायामशाला, मेस आदि उपलब्ध हैं।
सरकार द्वारा प्रदत अनुमोदन के अनुसार स्थायी परिसर का निर्माण और विकास चरणों में प्रगति पर है, जिसे जून 2022 तक पूरा किया जाना था। इसकी आधारशिला दिनांक 04 अगस्त, 2020 को रखी गई थी। परियोजना के प्रथम चरण को भारत सरकार द्वारा आगामी स्थायी परिसर के लिए मंजूरी दी गई है, जिसमें 600 छात्रों की क्षमता के लिए 60,384 वर्ग मीटर क्षेत्र का निर्माण 392.51 करोड़ रुपये की लागत से किया जाना है। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के धौला कुआं में स्थायी परिसर के निर्माण के लिए 210 एकड़ भूमि आवंटित की गई है।
भा.प्र.सं. ब्रांड की विरासत को आगे बढ़ाते हुए, भा.प्र.सं. सिरमौर प्रबंधन विज्ञान के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।